शनिवार, 13 दिसंबर 2008

एक मानव


तंग आकर
‘’ाराब का हो गया आदी
लोग
कहने लगे घर में इसके छा गई बरबादी
मानव!
च्ुाप था
पर था
बोलने को आतुर
बोला - क्या यही है आजादी?
कोडे@लाठियां
व हजारों गलियां
सुनकर चुप था।
चुप हुआ बस
पूरा मानव समूह
चुप!
चुप्पी का राज
पर
मन मस्तिष्क
चुप कहां रहने वाला था
सल्फास की गोलियां
बनी उसकी
आवाज
द्वन्द को
दर्’ााया
उसकर मौत ’ौया
डाॅक्टर!
जे समस्याओं का
ळल ढूंढते है
पोस्टमार्टन में
उस मानव को
लाया
पोस्टमार्टम कक्ष में
चीरा लगाया डोम ने
चीखता- चिल्लाता
भागा
धमाके की डर से
दुबारा डोम
डाॅक्टरों के साथ गया डरते- डरते चीरा लगाया प्र मरे ‘’ारीर मे
उग आये थें
दिमाग
उग आई थीं
आखें
उग आये थे
कान..! नाक...!
अंग- अंग
में जीभ....
संवेदनाओं से भरी
ला’ा
जो बोल नही सका था
कह गया, बता गया
अनसुलझे प्र’नों का उतर
धमाका! धमाका!!
और सिर्फ धमाका!!!

11 टिप्‍पणियां:

ई-गुरु राजीव ने कहा…

हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

शुभकामनाएं !


ब्लॉग्स पण्डित - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

ई-गुरु राजीव ने कहा…

आपका लेख पढ़कर हम और अन्य ब्लॉगर्स बार-बार तारीफ़ करना चाहेंगे पर ये वर्ड वेरिफिकेशन (Word Verification) बीच में दीवार बन जाता है.
आप यदि इसे कृपा करके हटा दें, तो हमारे लिए आपकी तारीफ़ करना आसान हो जायेगा.
इसके लिए आप अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड (dashboard) में जाएँ, फ़िर settings, फ़िर comments, फ़िर { Show word verification for comments? } नीचे से तीसरा प्रश्न है ,
उसमें 'yes' पर tick है, उसे आप 'no' कर दें और नीचे का लाल बटन 'save settings' क्लिक कर दें. बस काम हो गया.
आप भी न, एकदम्मे स्मार्ट हो.
और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ 'ब्लॉग्स पण्डित' पर.
यदि फ़िर भी कोई समस्या हो तो यह लेख देखें -


वर्ड वेरिफिकेशन क्या है और कैसे हटायें ?

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

खूब लिखें, अच्छा लिखें

रचना गौड़ ’भारती’ ने कहा…

भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
www.zindagilive08.blogspot.com
आर्ट के लि‌ए देखें
www.chitrasansar.blogspot.com

अशोक मधुप ने कहा…

हिंदी लिखाड़ियों की दुनिया में आपका स्वागत। अच्छा लिखे। बढिया लिखे। बधाई।

अक्षय-मन ने कहा…

bahut hi ghera jaankjhorne wali rachna jitna kahuin utna kam hai bahut khub likha hai.......

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत सुंदर ...आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है.....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

मौलिक लेखन, अच्छा लिखा, भावों की सुंदर अभिव्यक्ति

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर ने कहा…

हिन्दी ब्लॉग जगत में प्रवेश करने पर आप बधाई के पात्र हैं / आशा है की आप किसी न किसी रूप में मातृभाषा हिन्दी की श्री-वृद्धि में अपना योगदान करते रहेंगे!!!
इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए!!!!
स्वागतम्!
लिखिए, खूब लिखिए!!!!!


प्राइमरी का मास्टर का पीछा करें

Hindustani ने कहा…

सच कहा है
बहुत ... बहुत .. बहुत अच्छा लिखा है
हिन्दी चिठ्ठा विश्व में स्वागत है
टेम्पलेट अच्छा चुना है
कृपया वर्ड वेरिफ़िकेशन हटा दें .(हटाने के लिये देखे http://www.ucohindi.co.nr )
कृपया मेरा भी ब्लाग देखे और टिप्पणी दे
http://www.ucohindi.co.nr

आनंदकृष्ण ने कहा…

आज आपका ब्लॉग देखा... बहुत अच्छा लगा. मेरी कामना है की आपके शब्दों को ऐसी ही ही नित-नई ऊर्जा, शक्ति और गहरे अर्थ मिलें जिससे वे जन सरोकारों की सशक्त अभिव्यक्ति का समर्थ माध्यम बन सकें....
कभी फुर्सत में मेरे ब्लॉग पर पधारें;-

http://www.hindi-nikash.blogspot.com

शुभकामनाओं सहित सादर-
आनंदकृष्ण, जबलपुर