शनिवार, 20 नवंबर 2010

जनसंख्या बढ़ा कि

 अलोका रांची 








जनसंख्या बढ़ा कि
जंगल पहाड़ उड़ा
काला रोड बढ़ा कि
जवानी उड़ी
गांव उड़ा।
कानून बना कि
बिरान खेत सुखा।
विकास बढ़ा कि
बस्ती टुटा
मनरेगा आया कि
झगड़ा बढ़ा
पूंजी बढ़ा कि
दिल्ली भागा।
नेता बना कि
गांव को बेचा

1 टिप्पणी:

Kajal Kumar ने कहा…

समाज में बदलाव होते ही आए हैं...सदियों से.